समाज में व्याप्त बुराईयों का समाधान, धर्म के साथ ।
अगर समाज धर्म की राह पर चलता है , बुराईयां अपने आप समाप्त हो जाती है।
सब नर करहिं परस्पर प्रीती। चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीती॥
।। जयतु सनातन धर्मः ।।
रक्षाबंधन उत्सव
भारत माता की जय
Sunday, 29 July 2018
ऊँ नमः शिवाय
क्या माँगू भोले
तुमसे,
आप तो अंतरर्यामी हो।
किसको क्या देना हैं,
आप सबके स्वामी हो।
तेरी ही रजा मे रहूँ,
बस एक यही वर दो।
सेवा, सुमिरन, सत्संग,
झोली मे मेरी भर दो।
श्रावण मास के प्रथम सोमवार की आप सभी को बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं!💐💐
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